2 Corinthians 7:10 क्योंकि परमेश्वर-भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है।
2 Corinthians 7:10 in Other Translations
King James Version (KJV) For godly sorrow worketh repentance to salvation not to be repented of: but the sorrow of the world worketh death.
American Standard Version (ASV) For godly sorrow worketh repentance unto salvation, `a repentance' which bringeth no regret: but the sorrow of the world worketh death.
Bible in Basic English (BBE) For the sorrow which God gives is the cause of salvation through a change of heart, in which there is no reason for grief: but the sorrow of the world is a cause of death.
Darby English Bible (DBY) For grief according to God works repentance to salvation, never to be regretted; but the grief of the world works death.
World English Bible (WEB) For godly sorrow works repentance to salvation, which brings no regret. But the sorrow of the world works death.
Young's Literal Translation (YLT) for the sorrow toward God reformation to salvation not to be repented of doth work, and the sorrow of the world doth work death,
the
ἡ
ho
oh
For
γὰρ
gar
gahr
godly
κατὰ
kata
ka-TA
θεὸν
theos
thay-OSE
sorrow
λύπη
lypē
LYOO-pay
repentance
μετάνοιαν
metanoia
may-TA-noo-ah
to
εἰς
eis
ees
salvation
σωτηρίαν
sōtēria
soh-tay-REE-ah
not to be repented of:
ἀμεταμέλητον
ametamelētos
ah-may-ta-MAY-lay-tose
worketh
κατεργάζεται
katergazomai
ka-tare-GA-zoh-may
ἡ
ho
oh
but
δὲ
de
thay
the
τοῦ
ho
oh
of world
κόσμου
kosmos
KOH-smose
sorrow
λύπη
lypē
LYOO-pay
death.
θάνατον
thanatos
THA-na-tose
worketh
κατεργάζεται·
katergazomai
ka-tare-GA-zoh-may
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2 Corinthians 7
Cross Reference
प्रेरितों के काम 11:18
यह सुनकर, वे चुप रहे, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, तब तो परमेश्वर ने अन्यजातियों को भी जीवन के लिये मन फिराव का दान दिया है॥
2 शमूएल 12:13
तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है; तू न मरेगा।
2 तीमुथियुस 2:25
और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
1 राजा 8:47
तो यदि वे बन्धुआई के देश में सोच विचार करें, और फिर कर अपने बन्धुआ करने वालों के देश में तुझ से गिड़गिड़ाकर कहें कि हम ने पाप किया, और कुटिलता ओर दुष्टता की है;
प्रेरितों के काम 3:19
इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।
2 कुरिन्थियों 12:21
और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्होंने किया, मन नहीं फिराया॥
इब्रानियों 12:17
तुम जानते तो हो, कि बाद को जब उस ने आशीष पानी चाही, तो अयोग्य गिना गया, और आंसू बहा बहाकर खोजने पर भी मन फिराव का अवसर उसे न मिला॥
नीतिवचन 17:22
मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियां सूख जाती हैं।
लूका 15:10
मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है॥
लूका 18:13
परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े होकर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर।
यिर्मयाह 31:9
वे आंसू बहाते हुए आएंगे और गिड़गिड़ाते हुए मेरे द्वारा पहुंचाए जाएंगे, मैं उन्हें नदियों के किनारे किनारे से और ऐसे चौरस मार्ग से ले आऊंगा, जिस से वे ठोकर न खाने पाएंगे; क्योंकि मैं इस्राएल का पिता हूँ, और एप्रैम मेरा जेठा है।
यहेजकेल 7:16
और उन में से जो बच निकलेंगे वे बचेंगे तो सही परन्तु अपने अपने अधर्म में फंसे रहकर तराइयों में रहने वाले कबूतरों की नाईं पहाड़ों के ऊपर विलाप करते रहेंगे।
योना 3:8
और मनुष्य और पशु दोनों टाट ओढ़ें, और वे परमेश्वर की दोहाई चिल्ला-चिल्ला कर दें; और अपने कुमार्ग से फिरें; और उस उपद्रव से, जो वे करते हैं, पश्चाताप करें।
योना 4:9
परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उसने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।
मत्ती 21:28
तुम क्या समझते हो? किसी मनुष्य के दो पुत्र थे; उस ने पहिले के पास जाकर कहा; हे पुत्र आज दाख की बारी में काम कर।
मत्ती 26:75
तब पतरस को यीशु की कही हुई बात स्मरण आई की मुर्ग के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा॥
मत्ती 27:4
और कहा, मैं ने निर्दोषी को घात के लिये पकड़वाकर पाप किया है? उन्होंने कहा, हमें क्या? तू ही जान।
योना 3:10
जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया॥
उत्पत्ति 4:13
तब कैन ने यहोवा से कहा, मेरा दण्ड सहने से बाहर है।
उत्पत्ति 30:1
जब राहेल ने देखा, कि याकूब के लिये मुझ से कोई सन्तान नहीं होता, तब वह अपनी बहिन से डाह करने लगी: और याकूब से कहा, मुझे भी सन्तान दे, नहीं तो मर जाऊंगी।
1 शमूएल 30:6
और दाऊद बड़े संकट में पड़ा; क्योंकि लोग अपने बेटे-बेटियों के कारण बहुत शोकित हो कर उस पर पत्थरवाह करने की चर्चा कर रहे थे। परन्तु दाऊद ने अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करके हियाव बान्धा॥
2 शमूएल 13:4
और उसने अम्नोन से कहा, हे राजकुमार, क्या कारण है कि तू प्रति दिन ऐसा दुबला होता जाता है क्या तू मुझे न बताएगा? अम्नोन ने उस से कहा, मैं तो अपने भाई अबशालोम की बहिन तामार पर मोहित हूं।
2 शमूएल 17:23
जब अहीतोपेल ने देखा कि मेरी सम्मति के अनुसार काम नहीं हुआ, तब उसने अपने गदहे पर काठी कसी, और अपने नगर में जा कर अपने घर में गया। और अपने घराने के विषय जो जो आज्ञा देनी थी वह देकर अपने को फांसी लगा ली; और वह मर गया, और उसके पिता के कब्रिस्तान में उसे मिट्टी दे दी गई।
1 राजा 21:4
यिज्रेली नाबोत के इस वचन के कारण कि मैं तुझे अपने पुरखाओं का निज भाग न दूंगा, अहाब उदास और अप्रसन्न हो कर अपने घर गया, और बिछौने पर लेट गया और मुंह फेर लिया, और कुछ भोजन न किया।
अय्यूब 33:27
वह मनुष्यों के साम्हने गाने और कहने लगता है, कि मैं ने पाप किया, और सच्चाई को उलट पुलट कर दिया, परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया।
नीतिवचन 15:13
मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।
नीतिवचन 18:14
रोग में मनुष्य अपनी आत्मा से सम्भलता है; परन्तु जब आत्मा हार जाती है तब इसे कौन सह सकता है?
नीतिवचन 15:15
दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है।
यहेजकेल 18:27
फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिर कर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा।