Matthew 20:12
कि इन पिछलों ने एक ही घंटा काम किया, और तू ने उन्हें हमारे बराबर कर दिया, जिन्हों ने दिन भर का भार उठाया और घाम सहा?
Matthew 20:12 in Other Translations
King James Version (KJV)
Saying, These last have wrought but one hour, and thou hast made them equal unto us, which have borne the burden and heat of the day.
American Standard Version (ASV)
saying, These last have spent `but' one hour, and thou hast made them equal unto us, who have borne the burden of the day and the scorching heat.
Bible in Basic English (BBE)
Saying, These last have done only one hour's work, and you have made them equal to us, who have undergone the hard work of the day and the burning heat.
Darby English Bible (DBY)
saying, These last have worked one hour, and thou hast made them equal to us, who have borne the burden of the day and the heat.
World English Bible (WEB)
saying, 'These last have spent one hour, and you have made them equal to us, who have borne the burden of the day and the scorching heat!'
Young's Literal Translation (YLT)
that These, the last, wrought one hour, and thou didst make them equal to us, who were bearing the burden of the day -- and the heat.
| but | λέγοντες | legontes | LAY-gone-tase |
| Saying, | ὅτι | hoti | OH-tee |
| These | Οὗτοι | houtoi | OO-too |
| οἱ | hoi | oo | |
| last one | ἔσχατοι | eschatoi | A-ska-too |
| hour, wrought | μίαν | mian | MEE-an |
| have | ὥραν | hōran | OH-rahn |
| and | ἐποίησαν | epoiēsan | ay-POO-ay-sahn |
| equal unto us, | καὶ | kai | kay |
| them | ἴσους | isous | EE-soos |
| hast | ἡμῖν | hēmin | ay-MEEN |
| made thou | αὐτοὺς | autous | af-TOOS |
| ἐποίησας | epoiēsas | ay-POO-ay-sahs | |
| borne have which | τοῖς | tois | toos |
| the | βαστάσασιν | bastasasin | va-STA-sa-seen |
| burden | τὸ | to | toh |
| the | βάρος | baros | VA-rose |
| of | τῆς | tēs | tase |
| day. | ἡμέρας | hēmeras | ay-MAY-rahs |
| and | καὶ | kai | kay |
| heat | τὸν | ton | tone |
| καύσωνα | kausōna | KAF-soh-na |
Cross Reference
याकूब 1:11
क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।
लूका 12:55
और जब दक्खिना चलती दखते हो तो कहते हो, कि लू चलेगी, और ऐसा ही होता है।
इफिसियों 3:6
अर्थात यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लाग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं।
2 कुरिन्थियों 11:23
(मैं पागल की नाईं कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
1 कुरिन्थियों 4:11
हम इस घड़ी तक भूखे-प्यासे और नंगे हैं, और घूंसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं;
रोमियो 11:5
सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं।
रोमियो 10:1
हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उन के लिये परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है, कि वे उद्धार पाएं।
रोमियो 9:30
सो हम क्या कहें? यह कि अन्यजातियों ने जो धामिर्कता की खोज नहीं करते थे, धामिर्कता प्राप्त की अर्थात उस धामिर्कता को जो विश्वास से है।
रोमियो 3:30
क्योंकि एक ही परमेश्वर है, जो खतना वालों को विश्वास से और खतना रहितों को भी विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराएगा।
रोमियो 3:27
तो घमण्ड करना कहां रहा उस की तो जगह ही नहीं: कौन सी व्यवस्था के कारण से? क्या कर्मों की व्यवस्था से? नहीं, वरन विश्वास की व्यवस्था के कारण।
रोमियो 3:22
अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
लूका 18:11
फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं।
लूका 15:29
उस ने पिता को उत्तर दिया, कि देख; मैं इतने वर्ष से तरी सेवा कर रहा हूं, और कभी भी तेरी आज्ञा नहीं टाली, तौभी तू ने मुझे कभी एक बकरी का बच्चा भी न दिया, कि मैं अपने मित्रों के साथ आनन्द करता।
लूका 14:10
पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिस ने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्र, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठने वालों के साम्हने तेरी बड़ाई होगी।
मलाकी 3:14
तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
मलाकी 1:13
फिर तुम यह भी कहते हो, कि यह कैसा बड़ा उपद्रव है! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूं? यहोवा का यही वचन है।
जकर्याह 7:3
और सेनाओं के यहोवा के भवन के याजकों से और भविष्यद्वक्ताओं से भी यह पूछें, क्या हमें उपवास कर के रोना चाहिये जैसे कि कितने वर्षों से हम पांचवें महीने में करते आए हैं?
योना 4:8
जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहा कर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उसने यह कह कर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।
यशायाह 58:2
वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्होंने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।